NURSERY ADMISSION

मुन्नी ने तीसरे साल में कदम क्या रखा, घर में तहलका मच गया,

मुन्नी के school admission का भूत, श्रीमती जी पर लद गया I

            हमने समझाया simple अति simple, बात ये हे नारी है,

            परदादा, दादा, बाबा, मेरी, अब मुन्नी की बारी है l

हमारे admission की बात, जब उनके मन में आई थी,

दादाजी ने अपनी छडी, school में भिजवाई दी l

            और साथ में उसके उन्होंने, slip एक लगवाई थी,

            इस पौते को पीटने की, Authority भिजवाई थी l

देख मेरी नादानी, श्रीमति जी झूंझलाई थी,                        

नर्सरी Admission की guide, Brilliant से मंगवाई थी l

            एक तो MESS BILL भारी, उपर से महंगाई है

            उस पे मुन्नी के ADMISSION की , आफत सिर पे आई है

मैं कहती हूं अजी सुनो, नया सूट सिलवा लो,

मुझको भी कांजीवरम्, साड़ी तुम एक ला दो l

            Interview में हम पहनेंगे, नया सूट नई साड़ी,

            तभी हमारा रूतवा होगा, होगा पलड़ा भारी l

और खरीदो किताब रैपिडेक्स, और रटो गुड मोर्निंग,

टीचर को मैडम ही कहना, कह ना देना डार्लिंग l

            धुम धडाका शोर शराबा, मचा रहा दिन रात,

            काम काज सब ठप्प पडा था, office में फाईलों की बारात l

CO साहब warning थमावे, नहीं करते तुम काम,

श्रीमती जी शाबाशी देवे, खुब करोगे नाम l

            आखिर अग्नि परीक्षा का दिन जब आया,

            चेहरे पर हमने डंटकर मंजा लगाया l

सर पे कफन और गले में घिग्घि बाँधा,

 अपना Provident Fund, Donation की थैली में बांधा l

            श्रीमति जी लगातार हमें प्रश्नोत्तर रटवा रही थी,

            और बीच -बीच में  Lipstick के Layer चढ़ा रही थी l

आखिर तीन घंटे बाद, हमारी भी बारी आ ही गई

मुन्नी के पेट में भूख, और मेरे चेहरे पे उदासी छा गई l

            स्कूल के जल्लादों ने ज्यों ही नाम पुकारा

            श्रीमति जी ने बलि का बकरा, अंदर धकेल डाला l

Principal के कटघरे, में आंख जो मैंने खोली

अंदर सुंदर, अति सुंदर, सुंदरी एक बोली l

            आसमान में तारे कितने, और समंद में बुंद,

            पेड़ में क्यों फल हैं लगते, और अचार में फफुंद l

गाजर मुली कौन बड़ा है, दिखते दोनों same,

क्यों पढाई मैं ईतने अक्षर, ढ़ाई अक्षर का प्रेम l

            मैं बोला जी, परवाह ईल्ले, नहीं आता जवाब,

            इस दफ्तर में Peon बनने की, मैं देखुं हसीन ख्वाब l

कृपा करो जी, देवी मुझ पे, Admission तो है लेना,

बेटी का हो ना हो, मेरा तो जरुर करवा देना l

            आखिर वो थककर चूर हुई, और बोली YOU FOOL

            पागल खाने की जगह, क्यों आ गये SCHOOL l

मुन्नी और आप में, कौन किसका बाप

उम्र में मुन्नी है ZERO और अक्ल में आप l

            आप जैसे कमजोर दिमाग की, यहाँ पे बोला बाली है

            आप जैसों के लिए सरकार ने ये खुलवाई है l

अपना नाम लिखवाकर, आज दाखिला ले जाइये                       

कल से स्कुल बैग और वॉटर बोटल, आप लेकर आइये l

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